LIC Death Claim का Time लिमिट कितना होता है ? LIC Death Claim Time Limit

एलआईसी से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी पाने के लिए हमसे जुड़े।
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Please Follow On Instagram instagram

नमस्कार पाठकों, क्या आप LIC death claim time limit के बारे में जानना चाहते हैं? यदि हां तो हमारा ये आर्टिकल अंत तक पढ़िएगा।

मित्रों हम में से बहुत से लोग ऐसे है जिन्होंने या तो LIC ली है या फिर LIC death claim recieve किया है। वैसे तो यह एक असंवेदनशील मामला है लेकिन फिर भी इसके बारे में जानकारी होना जरूरी है।

कई बार इस चीज़ की जानकारी न होने के वजह से कुछ जगह policy धारक की मृत्यु होने के बावजूद भी किश्ते भरना चालू रहती है और कई बार तो ऐसे मामलों में कुछ fraud भी सामने आते है। तो आज के लेख में हम जानेंगे कि LIC death claim time limit क्या होती है। और इससे सम्बंधित condition क्या होती है।

तो चलिए शुरू करते है।

LIC Death Claim Time Limit क्या होती है?

Lic Death Claim Time Limit
IMAGE CREDIT – allthings.how (Lic Death Claim Time Limit)

मित्रो यदि किसी policy holder की, पालिसी के किश्ते भरने के समय अंतराल में मृत्यु हो जाये तो मृत्यु होने के केवल 30 दिनों के भीतर ही पालिसी धारक के नॉमिनी को death क्लेम उपलब्ध करवा देना चाहिए। यह नियम Regulatory & Development Authority of India के द्वारा हर प्रकार की इंश्योरेंस पालिसी के लिए निर्धारित किया गया है।

लेकिन इससे सम्बंधित दो प्रकार के conditions भी है-

1. यदि death क्लेम investigation के अंतर्गत न हों।

2. यदि death क्लेम investigation के अंतर्गत हो।

यदि death Claim investigation के अंतर्गत न हों

यदि परिस्थिति ऐसी है कि किसी भी पालिसी holder का death क्लेम investigation के अंतर्गत नहीं है तो परिवार के द्वारा या नॉमिनी के द्वारा सारे जरूरी दस्तावेज जमा करने के केवल 30 दिनों के अन्दर नॉमिनी को पालिसी holder का death क्लेम मिल जाना चाहिए।

यह कोई गाइडलाइन नहीं है बल्कि यह एक नियम है जो हर प्रकार की insurance policy के लिए लागु होता है।

यदि कोई इंश्योरेंस कंपनी इस नियम को ना माने तो यह एक अपराध माना जायेगा।

इसे भी पढ़े : LIC में BOC का मतलब क्या होता है पूरी जानकारी पढ़े | BOC Full Form In LIC In Hindi

यदि death Claim investigation के अंतर्गत हों

यदि परिस्थिति ऐसी है कि किसी भी policy holder की death claim investigation के अंतर्गत है तो परिवार के द्वारा या नॉमिनी के द्वारा सारे जरूरी दस्तावेज जमा करने के 90 दिनों के अन्दर नॉमिनी को policy holder का death क्लेम मिल जाना चाहिए।

यदि investigation में क्लेम क्लियर/पास न हो तो नॉमिनी को बची हुई लोन राशि की किश्ते चुकानी होगी। यदि नॉमिनी ऐसा करने से मना करता है तो insurance कंपनी अपनी रकम वसूलने के सारे कानूनी रास्ते इस्तेमाल कर सकती है।

Conclusion

तो आज के लेख में हमने LIC death claim time limit के बारे में जाना। यदि आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आई हो। तो कृपया इसे जरूर शेयर करें।

धन्यवाद!

एलआईसी से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी पाने के लिए हमसे जुड़े।
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Please Follow On Instagram instagram

Agent सहायता

Agent सहायता मे आपका स्वागत है मेरे एजेंट दोस्तों और भाइयो !! इस ब्लॉग मे हम आपको भारतीय जीवन बीमा निगम से जुड़े हर सवालों और समस्याओ का हल देने की कोशिश करते है। जैसे की नई प्लान के बारे मे, फॉर्म कैसे भरे, फॉर्म डाउनलोड कैसे करे, प्रीमियम कैल्क्यलैट कैसे करे। अगर आपका कोई सवाल है तो आप हमारे Telegram चैनल को जरूर जॉइन करे।

Leave a Comment